आदमीयत की सही मंजिल का संधान करती कहानियाँ
दलित साहित्य, हिन्दी में विचार की जमीन पर जितना प्रखर और मुखर है, रचनात्मक धरातल पर उसकी उपलब्धियाँ अभी उतनी उल्लेखनीय नहीं हैं, जैसी कि वे मराठी में हैं। बावजूद…
दलित साहित्य, हिन्दी में विचार की जमीन पर जितना प्रखर और मुखर है, रचनात्मक धरातल पर उसकी उपलब्धियाँ अभी उतनी उल्लेखनीय नहीं हैं, जैसी कि वे मराठी में हैं। बावजूद…
भारतवर्ष में प्राचीन काल से गणतन्त्र विद्यमान थे।1 ब्रिटिश शासनकाल में पंचायतें तथा स्थानीय संस्थाएँ धीरे-धीरे शक्तिहीन होती चली गईं। स्वतन्त्रता के पश्चात् संविधान के नीति निर्देशक तत्वों में स्थानीय…
This article discusses the emerging research concerned with sustainable development and entrepreneurship has been recognized as a major conduit for sustainable products and processes, and new ventures are being held…
वैदिक काल से आज तक साहित्य की सभी विद्याओं में महिलाओं ने पुरूषों के समान अपनी सर्जनात्मक शक्ति का परिचय दिया है। विश्व इतिहास साक्षी है कि इस पुरूष समाज…
सारांश: प्रसिद्ध नारीवादी सिमोन द बुआ लिखती है कि पुरुष को मनुष्य के रूप में और स्त्री को स्त्री के रूप में परिभाषित किया जाता है। जब भी स्त्री मनुष्य…
Concern about the nature of environmentalism has grown on a global scale. To ascertain how these issues are impacting the next generation, the research investigates environmental values that undergraduate college…
भारत की अधिकतर आबादी गांव में बसती है इसलिए भारत के विकास की संकल्पना को पूरा करने तथा विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश में बुनियादी सुविधाएं लोगों को प्रदान…
भारत ने स्वतंत्रता के बाद से अमृतकाल तक एक अद्वितीय यात्रा तय की है। शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण परिवर्तन और विकास हुआ है। इस लेख…
In today's digital age, effective communication and digital literacy skills are crucial, especially in higher education. This study examines how Computer-Mediated Instruction (CMI) contributes to developing these vital skills. CMI…
कानून और न्याय मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि न्यायालय संसद को कोई कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकता है और इसने देश में समान नागरिक संहिता…