Category: Archive

महर्षि अरविन्द घोष के शैक्षिक विचारों की आधुनिक सन्दर्भ में प्रासांगिकता

श्री अरविन्द एक राष्ट्रवादी विचारक थे। वह स्वयं एक देश भक्त थे। इसके साथ श्री अरविन्द भौतिकवादी जीवन पद्धति के साथ शिक्षा के तादाम्य के बीच मानव जीवन के अंतर्मन…

मानव अधिकार और भारतीय संस्कृति एवं साहित्य

मानवाधिकारों की संकल्पना एक व्यापक जीवन-दर्षन पर आधारित संकल्पना है जिसके घेरे में समूचा जीवन और समाज व्यवस्था आ जाती है। मानवाधिकारों की संकल्पना की बूनियाद है मनुश्य को सब…

Highlights