विभिन्न प्रकार के विद्यालयों के आधार पर शिक्षकों की संवेगात्मक परिपक्वता का तुलनात्मक अध्ययन
संवेग भावों के अत्यन्त निकट है। जब भाव तथा अनुभूति की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर में उद्दीप्त स्थिति का कारण बनती है तब उसे संवेग कहते हैं। इन्हीं…
संवेग भावों के अत्यन्त निकट है। जब भाव तथा अनुभूति की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर में उद्दीप्त स्थिति का कारण बनती है तब उसे संवेग कहते हैं। इन्हीं…
प्रस्तुत शोध का मुख्य उद्देश्य झुंझुनू जिले के उच्च माध्यमिक स्तर के सरकारी व निजी शिक्षण संस्था में अध्ययन संसाधनों का एक अध्ययन करना है। प्रस्तुत शोध अध्ययन हेतु प्रतिदर्श…
वर्तमान समय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अनुस्नातक स्तर के विद्यार्थियों में शैक्षिक तनाव की मात्रा का स्तर प्रायः देखा जा रहा है ।…
सारांश प्रस्तुत शोध पत्र में उच्च माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत् शिक्षार्थियों की प्रसन्नता का अध्ययन किया गया है। यह देखा गया है कि शिक्षार्थियों की प्रसन्नता पर विभिन्न कारकों का…
भारत में आदिवासी समाज को दो वर्गों में विभाजित किया गया है-अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित आदिम जनजाति। आदिवासी लोग अपनी संस्कृति एवं रीति-रिवाजों का भली-भांति प्रकार से पालन करते है।…
सत्याग्रह में स्वयं कष्ट उठाने की बात है। सत्य का पालन करते हुए मृत्यु के वरण की बात है। सत्य और अहिंसा के पुजारी के शस्त्रागार में ष्उपवासश् सबसे शक्तिशाली…
महिला आदिकाल से ही सामाजिक संरचना का महत्पूर्ण केन्द्र बिन्दु रही है। यही कारण है कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर जब भी कोई बाह्नय अथवा आन्तरिक परिवर्तनकारी और विचारात्मक…
प्रस्तुत शोध का मुख्य उद्देश्य झुंझुनू जिले के उच्च माध्यमिक स्तर के सरकारी व निजी शिक्षण संस्था में अध्ययन संसाधनों का एक अध्ययन करना है। प्रस्तुत शोध अध्ययन हेतु प्रतिदर्श…
सारांश - अतः स्पष्ट होता है कि मुगलों ने राज्य-प्रबन्ध को सुव्यवस्थित करने तथा उसमें अनेक सुधार लाने का हर स्तर पर उचित प्रबन्ध किया। वर्तमान में, मध्यकालीन भारतीन प्रशासन-व्यवस्था…
Spirituality is about finding meaning, purpose, and a connection to something greater than ourselves. It involves exploring our inner selves, understanding our beliefs and values, and seeking a connection with…