Month: March 2025

अलवर प्रजामंडल आन्दोलन में मास्टर भोलानाथ की भूमिका।

शोध सार - अलवर प्रजामंडल के इतिहास में प्रमुख प्रजामंडल कार्यकर्ताओं के रूप में मास्टर भोलानाथ का स्थान हम अग्रिम पंक्ति मे पाते हैं। मास्टर भोलानाथ अलवर रियासत में ही…

वर्तमान भारतीय शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में अस्थायी अध्यापकों की समस्याओं का अध्ययन

वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और संसाधनों की सीमितता के चलते अधिकांश महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अस्थायी अध्यापकों की नियुक्ति एक अनिवार्यता बन चुकी है। यह…

राजकीय व निजी महाविद्यालय के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की व्यावसायिक परिपक्वता का अध्ययन

प्रस्तुत शोध में महाविद्यालय स्तर के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की व्यावसायिक परिपक्वता का अध्ययन किया गया है अध्ययन से ज्ञात होता है कि महाविद्यालय स्तर पर अध्यनरत विद्यार्थियों की व्यावसायिक परिपक्वता…

राजस्थान के अल्पसंखक संस्थाओ, सरकारी संस्थाओ एव निजी संस्थाओ के विधाथियो की अध्ययन आदतों का अध्ययन

प्रस्तुत शोध मे राजस्थान के अल्पसंखक संस्थाओ, सरकारी संस्थाओ एव निजी संस्थाओ के विधाथियो की अध्ययन आदतों का अध्ययन किया हे अध्ययन से ज्ञात होता हे की रजस्थान के राजस्थान…

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों की राष्ट्रीय ष्श्कि्षा नीति 2020 के प्रति जागरूकता का अध्ययन

इस अध्ययन का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रति जागरूकता का अध्ययन संकाय के संदर्भ में करना है। इस अध्ययन में सर्वेक्षण…

वर्तमान संदर्भ में महाराणा प्रताप की जीवन आदर्शों का आदिवासी समाज के लिए महत्व

यह शोध-लेख महाराणा प्रताप के जीवन और उनके आदर्शों की वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता को विशेष रूप से भारत के आदिवासी समाज के संदर्भ में विश्लेषित करता है। महाराणा…

कवि हरिविट्ठल धूमकेतु जी के काव्य में अत्याधुनिक राजनीतिक विसंगतियों एवं विद्रूपताओं का व्यंग्यात्मक विवेचन

कवि हरिविट्ठल दूबे ‘धूमकेतु’ वर्तमान साहित्य के प्रसिद्ध व्यंग्यकार है। इनका हिन्दी साहित्य में अद्भुत योगदान है। आप भोपाल मे निवास करते हैं और अपने व्यंग्य काव्य द्वारा साहित्य में…

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