Month: December 2024

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) की आवश्यकता एवं भविष्य

प्रस्तुत लेख के माध्यम से वर्तमान भारतीय शिक्षण प्रणाली में नए भारत के निर्माण को लेके शिक्षा में परिवर्तन की आवश्यकता है । भारतीय संस्कृति, मूल्यों एवं प्रणालिऑ के साथ…

जल संग्रहण के परंपरागत ज्ञान के वाहक: राजस्थान मे झुंझुनू क्षेत्र के कुएं

सारांश: जल जीवन का आधार है और यह प्राचीन भारतीय परंपराओं और शास्त्रों में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इसे सृष्टि का एक दिव्य तत्व माना गया है, जो सभी…

डॉ. एनी बेसेंट के शैक्षिक विचारों का आलोचनात्मक विश्लेषण

श्रीमती एनी बेसेंट ने अपनी आध्यात्मिक और राजनीतिक गतिविधियों के अलावा, शिक्षा से संबंधित सुधारों में गहरी रुचि ली। इस दिशा में उनका योगदान वास्तव में बहुत बड़ा है। एक…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सन्दर्भ में आचार्य रजनीश का शैक्षिक दर्शन

आचार्य रजनीश एक भारतीय आध्यात्मिक शिक्षक थे और उन्होंने शैक्षिक दर्शन के लिए एक अनूठा दृष्टिकोण विकसित किया, जिसमें आत्म-जागरूकता और आत्म-परिवर्तन के महत्व पर जोर दिया गया। शैक्षिक दर्शन…

पंडित मदन मोहन मालवीय एवं रबिन्द्र नाथ टैगोर के शैक्षिक विचारों का आलोचनात्मक विश्लेषण

19वीं शताब्दी में भारत ने कई बुद्धिजीवियों को जन्म दिया, जिन्होंने पुनर्जागरण के विभिन्न पहलुओं जैसे शैक्षिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक में योगदान दिया। यह वह दौर था जब देश…

बढ़ते असंतोष के कारणों का किशोर वर्ग के विद्यार्थियों में अध्ययन

किशोरावस्था की आयु किशोरों के लिए बहुत ही कठिनाइयों की अवधि होती है तथा इस अवधि में वे कई समस्याओं का सामना करते हैं। किशोरावस्था के वर्ष रचनात्मकता, आदर्शवाद आशावाद…

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