विद्यार्थियों के नैतिक मूल्यों का उनकी समायोजन क्षमता पर पडने वाले प्रभाव का अध्ययन
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Published on: Jun 30, 2026
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Co-Authors: डॉ मुकेश कुमारी
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DOI: CIJE20261121397_98
Gulshan Saini
बी.एड. एम.एड. छात्रा, बियानी गर्ल्स बी.एड. काॅलेज, जयपुर Email : gulshansaini9053@gmail.com, Mobile- 9053522175
Co-Author 1
डॉ मुकेश कुमारी
असोसिएट प्रोफेसर, बियानी गर्ल्स बी.एड. काॅलेज, जयपुर
Abstract (सारांश) वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को भी सुनिश्चित करना है। नैतिक मूल्य व्यक्ति के व्यवहार को दिशा प्रदान करते हैं, वहीं समायोजन क्षमता उसे विभिन्न परिस्थितियों में संतुलित रहने में सहायता करती है। वर्तमान समय में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में नैतिक मूल्यों एवं समायोजन क्षमता का महत्वपूर्ण स्थान है। इस अध्ययन में वर्णनात्मक शोध पद्धति का प्रयोग किया गया है। यह शोध विद्यार्थियों के नैतिक मूल्यों का उनकी समायोजन क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने हेतु किया गया है। वर्तमान समय में विद्यार्थियों के समग्र विकास में नैतिक मूल्यों एवं समायोजन क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अध्ययन में 200 विद्यार्थियों (100 ग्रामीण एवं 100 शहरी) को नमूना के रूप में चयनित किया गया। डेटा संग्रह के लिए स्वनिर्मित प्रश्नावली का उपयोग किया गया, जिसमें नैतिक मूल्यों एवं समायोजन क्षमता से संबंधित 30 प्रश्न शामिल थे। प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण सांख्यिकीय विधियों माध्य (Mean), मानक विचलन (SD) एवं t-परीक्षण द्वारा किया गया। अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि नैतिक मूल्यों का समायोजन क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है अर्थात जिन विद्यार्थियों के नैतिक मूल्य उच्च होते हैं, उनकी समायोजन क्षमता भी बेहतर होती है तथा शहरी एवं ग्रामीण विद्यार्थियों में आंशिक अंतर पाया गया।