भारतीय स्कूलों में संविधान शिक्षा: छात्रों और शिक्षकों के दृष्टिकोण का अध्ययन
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Published on: Mar 31, 2026
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Co-Authors: एकता पारीक
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DOI: CIJE20261111346_47
Sunita Songara
बी.एड एम.एड छात्रा, बियानी गर्ल्स बी.एड कॉलेज, जयपुर
Co-Author 1
एकता पारीक
प्राचार्य, बियानी गर्ल्स बी.एड कॉलेज, जयपुर
यह शोध पत्र भारतीय स्कूली शिक्षा प्रणाली में संविधान शिक्षा के प्रभाव और इसके कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का एक व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। लोकतान्त्रिक मूल्यों-समानता, स्वतंत्रता, और न्याय के संरक्षण हेतु छात्रों को जागरूक नागरिक बनाना अनिवार्य है। प्रस्तुत अध्ययन में गुणात्मक शोध पद्धति अपनाते हुए 50 छात्रों और 20 शिक्षकों के दृष्टिकोण का सर्वेक्षण किया गया है। निष्कर्षों से ज्ञात होता है कि यद्यपि पाठ्यक्रम में संविधान की उपस्थिति अनिवार्य है, किंतु व्यावहारिक शिक्षण (जैसे मॉक पार्लियामेंट) और आधुनिक डिजिटल संसाधनों की भारी कमी है। सर्वेक्षण के अनुसार, 30% छात्र अभी भी मौलिक अधिकारों की स्पष्ट समझ से वंचित हैं और 75% शिक्षक संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं। यह पत्र शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु तकनीकी एकीकरण और शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण की सिफारिश करता है।