सोशल मीडिया -भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य प्रभाव के कारण
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Published on: Mar 31, 2026
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DOI: CIJE20261111327
INDRA KUMARI
सहायक आचार्य (विद्या सम्बल), हिन्दी विभाग, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर Email:-indubadasara@gmail.com, Mobile-8209278471
संस्कृति का क्षेत्र सभ्यता से कहीं अधिक व्यापक और गहन होता है। अर्थात संस्कृति एवं सभ्यता के क्रियाकलाप अलग है परन्तु दोनों परस्पर जुड़े हुए भी है. सभ्यता में मनुष्य के राजनीतिक, प्रशासनिक, आर्थिक, प्रौद्योगिकी व दृष्यकला रूपों का प्रदर्शन होता है जो जीवन को सुखमय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। जबकि संस्कृति में कला, विज्ञान, संगीत, नृत्य और मानव जीवन की उच्चतर उपलब्धियाँ सम्मिलित है। अतः यही कहा जा सकता है कि-’सभ्यता वह है जो हम बनाते है तथा संस्कृति वह है जो हम है।’