सम्राट अशोक और मुगल सम्राट अकबर की धार्मिक नीति: एक तुलनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन

Dr. Rohitash Kumar
रोहिताश कुमार सहायक आचार्य, इतिहास राजकीय महिला महाविद्यालय, झुन्झनू, 333001
सारांश प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत में धार्मिक नीति शासन का एक महत्वपूर्ण अंग रही है। सम्राट अशोक तथा सम्राट अकबर ने अपने-अपने काल में धार्मिक सहिष्णुता, नैतिकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाली नीतियों को अपनाया। यह शोध-पत्र दोनों शासकों की धार्मिक नीतियों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें उनके उद्देश्यों, कार्यान्वयन तथा प्रभावों का अध्ययन किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि यद्यपि दोनों शासकों के ऐतिहासिक संदर्भ भिन्न थे, फिर भी उनकी नीतियों में सार्वभौमिक नैतिकता और धार्मिक सहिष्णुता की समान भावना विद्यमान थी। मुख्य शब्द - धार्मिक सहिष्णुता,नैतिकता,धम्म,नैतिक शिक्षा,सुलह-ए-कुल,दीन-ए-इलाही

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