विवेकानंद के शैक्षिक चिंतन की प्रासंगिकता
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Published on: Dec 31, 2025
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DOI: CIJE20251041288
Anant Kumar
अनन्त कुमार शोधार्थी वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर पत्राचार का पता: F 180 बुद्ध विहार पार्ट बी निकट आई. एम. ए. भवन अमरपाली कॉलोनी तारामंडल रोड गोरखपुर 273016 व्हाट्सएप 9235286877 मोबाइल नंबर 7678668542 Email: anantkummartiwari@gmail.com
स्वामी विवेकानंद जी के शिक्षा सम्बन्धी विचार जितने प्रासंगिक आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व थे, उससे कहीं अधिक प्रासंगिक आज के सन्दर्भ में है । स्वामी जी ने पुरजोर तरीके से युवाओं में ब्रह्मचर्य, नैतिकता , अनुशासन ,निडरता ,आत्मविश्वास तथा शारीरिक और मानसिक मजबूती की बात करते थे । ऐसे में स्वामी जी के शैक्षिक विचार ही एक मात्र ऐसा उपाय है जिसको हम अपने शिक्षा व्यवस्था में अपना कर के भारत के युवाओं को इस योग्य बना सकते हैं कि वे भावी जीवन कि चुनौतियों का सामना मजबूती के साथ कर सकते हैं और स्वयं को तो उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाएंगे ही साथ ही साथ देश को भी विकसित बनायेंगे ।