राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पश्चात सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण पद्धतियाँ एवं मिश्रित अधिगम मॉडलः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Manju Gupta
प्रोफेसर, शिक्षा विभाग जगन नाथ विश्वविद्यालय, जयपुर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी के वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। NEP 2020 ने खासतौर पर डिजिटल शिक्षा और टेक्नोलॉजी के प्रयोग पर जोर दिया है। कोविड-19 महामारी के दौरान जब विद्यालय बंद थे, तब डिजिटल शिक्षण का महत्व और भी बढ़ गया। इस रिपोर्ट में हम देखेंगे कि NEP 2020 के बाद सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण पद्धतियों का कैसे इस्तेमाल किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, विशेष रूप से डिजिटल शिक्षा और मिश्रित अधिगम (Blended Learning) के क्षेत्र में। इस शोध पत्र में सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण विधियों और मिश्रित अधिगम मॉडलों के प्रयोग, उनके क्रियान्वयन, व्यवहारिक अनुभवों और चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। यह अध्ययन दर्शाता है कि कैसे NEP 2020 ने डिजिटल बुनियादी ढांचे] शिक्षकों के तकनीकी प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के लिए लचीले एवं अनुकूल अधिगम वातावरण के निर्माण की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया है। साथ ही यह पेपर विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा अपनाई गई पहलों, जैसे DIKSHA, SWAYAM vkSj PM eVidya जैसे प्लेटफार्मों की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन एवं इसमें डिजिटल शिक्षा की चुनौतियाँ, सीमाएँ] और नीति-स्तर पर सुधार हेतु सुझाव भी प्रस्तुत करता है।

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