युवाओं की राजनीतिक चेतना और समकालीन सामाजिक आंदोलन: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Dr. Rohitash Kumar
Assistant Professor. Government Girls College, Jhunjhunu
सारांश यह शोध पत्र समकालीन भारतीय सामाजिक आंदोलनों में युवाओं की भागीदारी की प्रकृति, रूपरेखा और प्रभाव का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। युवा वर्ग समाज में परिवर्तन के सबसे सक्रिय घटक के रूप में उभरा है, जिसने तकनीकी साधनों, सोशल मीडिया, सांस्कृतिक माध्यमों और नीतिगत हस्तक्षेप के जरिए आंदोलनों को नई दिशा दी है। इसमें निर्भया आंदोलन, किसान आंदोलन, पर्यावरण के लिए आंदोलन और विश्वविद्यालय छात्र आंदोलनों जैसे उदाहरणों के माध्यम से यह दिखाया गया है कि कैसे युवाओं की ऊर्जा, वैचारिकता और नेतृत्व क्षमता ने सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता, पर्यावरणीय स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाया है। साथ ही इसमें युवाओं के सामने उपस्थित चुनौतियों और उनकी भागीदारी को सशक्त बनाने के उपायों का भी विवेचन किया गया है। मुख्य शब्द: युवा शक्ति, सामाजिक आंदोलन,डिजिटल सक्रियता, सोशल मीडिया, सामाजिक न्याय,पर्यावरणीय आंदोलन, नागरिक चेतना |

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