कलिंग नरेश खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख: मौर्योत्तर युगीन राजनीति, संस्कृति एवं पुरालेखशास्त्र का आलोचनात्मक अध्ययन
- View Abstract
- Download PDF
- Download Certificate
-
Published on: Sep 30, 2026
-
DOI: CIJE20261131440
Digvijay yadav
सहायक आचार्य (इतिहास) राजकीय महाविद्यालय जालसु, जयपुर, राजस्थान Email- digvijayyadav1900@gmail.com, Mob – 8233302525
सारांश (Abstract): प्राचीन भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण में पुरातात्विक साक्ष्यों, विशेषकर अभिलेखों (Inscriptions) की भूमिका असंदिग्ध है। मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात् प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व में कलिंग (आधुनिक ओडिशा) एक स्वतंत्र एवं शक्तिशाली साम्राज्य के रूप में उदित हुआ, जिसका नेतृत्व महामेघवाहन (चेदि) वंश के तृतीय शासक, सम्राट खारवेल ने किया। […]