हिंदी व्यंग्य परम्परा के सशक्त हस्ताक्षर हरीश नवल
- View Abstract
- Download PDF
- Download Certificate
-
Published on: Mar 31, 2026
-
DOI: CIJE20261111344
Shilpa Verma
शोधार्थी, हिन्दी विभाग ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, जयपुर Email-sv6496509@gmail.com, Mobile-7427094046
सारांश: हिन्दी साहित्य के इतिहास में व्यंग्य लेखन की जिस परंपरा को भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने गति दी थी, उसे प्रतापनारायण मिश्र, बालकृष्णभट्ट, बालमुकुन्द गुप्त, हरिशंकर परसाई, श्रीलाल शुक्ल, नरेन्द्र कोहली आदि साहित्य पुरोधाओं ने गतिमान रखा। समय के साथ इस यात्रा में अनेक विद्वान् जुड़े तथा इस परम्परा को और अधिक पोषित किया। […]