साइबर युग में घरेलू हिंसा वैवाहिक जीवन में अपराधों के नए स्वरूप और चुनौतियाँ
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Published on: Mar 31, 2026
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Co-Authors: डॉ. विजयमाला
Pinki Dhankhar
शोधार्थी, श्री जगदीश प्रसाद झाबरमल टिबड़ेवाला विश्वविद्यालय, चुडेला, झुंझुनू (राज.)
Co-Author 1
डॉ. विजयमाला
सहायक प्रोफ़ेसर, श्री जगदीश प्रसाद झाबरमल टिबड़ेवाला विश्वविद्यालय, चुडेला, झुंझुनू (राज.)
Co-Author 2
डॉ.सैय्यद कलीम अख्तर
सहायक प्रोफ़ेसर, नारायण स्कूल ऑफ लॉ गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय जमुहार सासाराम बिहार
साइबर युग डिजिटल प्रौद्योगिकी और इंटरनेट के तीव्र विस्तार का युग इक्कीसवीं सदी में चल रहा है। वर्तमान युग में तकनीक ने मानव जीवन को सुविधाजनक, तेज़ और विश्वव्यापी बनाया है, लेकिन सामाजिक संबंधों, खासकर वैवाहिक संबंधों में, नई और कठिन समस्याएं पैदा की हैं। पारंपरिक रूप से घरेलू हिंसा शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक शोषण तक सीमित मानी जाती थी, अब साइबरनेट पर नए और अधिक छोटे रूपों में सामने आ रही है। यह शोध पत्र साइबर युग में घरेलू हिंसा के विकसित रूपों का विश्लेषण करता है, इसके वैवाहिक जीवन पर प्रभावों, सामाजिक-सांस्कृतिक और कानूनी चुनौतियों और संभावित समाधानों। अध्ययन ने बताया कि साइबर हिंसा अक्सर अदृश्य होते हुए भी महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और सामाजिक स्थिति पर बुरा प्रभाव डालता है। यह अध्ययन बताता है कि वर्तमान कानूनी और सामाजिक संरचनाओं में सुधार, साथ ही डिजिटल साक्षरता और लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए समय की आवश्यकता है।