शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के अध्यापकों में अनुच्छेद 21ए की जानकारी का तुलनात्मक अध्ययन
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Published on: Dec 31, 2025
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Co-Authors: श्रीमति अंजु शर्मा
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DOI: CIJE20251041294_95
Devendra Lodha
प्रोफेसर लॉर्डस विश्वविद्यालय, चिकानी, अलवर, राजस्थान Email: devendrakumarlodha@gmail.com, Mobile-8209986606
Co-Author 1
श्रीमति अंजु शर्मा
शोधार्थी लॉर्डस विश्वविद्यालय, चिकानी, अलवर, राजस्थान
भारत के संविधान में अनुच्छेद 21ए को एक महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार के रूप में सम्मिलित किया गया है, जिसके अंतर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इस प्रावधान के प्रभावी क्रियान्वयन में अध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अध्यापक न केवल शिक्षा प्रदान करने वाले होते हैं, बल्कि वे संवैधानिक प्रावधानों, शैक्षिक अधिकारों तथा शैक्षिक नीतियों के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। प्रस्तुत शोध लेख में शहरी क्षेत्र के अध्यापकों एवं ग्रामीण क्षेत्र के अध्यापकों के मध्य अनुच्छेद 21ए से संबंधित जानकारी के स्तर का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। शोध में टी–परीक्षण (t-test) का प्रयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह पाया गया कि शहरी एवं ग्रामीण अध्यापकों की जानकारी में सार्थक अंतर विद्यमान है।