भारत चीन प्रतिद्वन्द्विता – क्षेत्रीय एवं वैश्विक प्रभाव
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Published on: Dec 31, 2025
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Co-Authors: Hansa Chaudhary
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DOI: CIJE20251041231_32
RAJSHREE SWAMI
Rajshree Swami, Assistant Professor, Govt. College Sridungargarh, Bikaner
Co-Author 1
Hansa Chaudhary
Assistant Professor, Department of Political Science, Rajasthan University, Jaipur
सारांश भारत और चीन एशिया की दो प्राचीन सभ्यताएँ तथा आधुनिक विश्व की उभरती महाशक्तियाँ हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक संपर्क, आर्थिक सहयोग और राजनीतिक संवाद के बावजूद सीमा विवाद, सामरिक प्रतिस्पर्धा और भू राजनीतिक तनाव निरंतर बढ़ते रहे हैं। यह प्रतिद्वन्द्विता केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण एशिया, हिंद प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरा प्रभाव डालती है। प्रस्तुत शोध पत्र में भारत चीन संबंधों के ऐतिहासिक विकास, क्षेत्रीय प्रभाव, दक्षिण एशियाई देशों पर पड़ने वाले परिणाम, आर्थिक सामरिक प्रतिस्पर्धा तथा वैश्विक राजनीति में इसके निहितार्थों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। यह अध्ययन दर्शाता है कि भारत चीन प्रतिद्वन्द्विता आने वाले दशकों में एशिया और विश्व की भू राजनीति को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगी।